#शिक्षक सम्मान समारोह-2026
शिक्षक केवल भविष्य के बारे में नहीं बताता, भविष्य को आकार देता है – प्रो. एन.के. अग्रवाल
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पटना, 5 सितंबर 2026।
Educational Development Council द्वारा आयोजित *गुरु शिक्षा सम्मान समारोह – 2026* में उच्च शिक्षा विभाग, बिहार के निदेशक *प्रो. (डॉ.) एन.के. अग्रवाल* ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधन दिया। समारोह की अध्यक्षता *प्रो. उपेन्द्र प्रसाद सिंह, कुलपति , पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने की।
इस अवसर पर प्रो. अग्रवाल ने *”शिक्षक: ज्ञान से चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण तक”* विषय पर अपना सारगर्भित भाषण दिया।

उन्होंने कहा कि शिक्षक का काम केवल सूचना देना नहीं है, बल्कि सूचना को ज्ञान में, ज्ञान को समझ में और समझ को विवेक में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को दिशा देना है। आज जब सूचना इंटरनेट और AI के कारण कुछ क्षणों में उपलब्ध है, तो शिक्षक की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

AI पर बोलते हुए उन्होंने कहा, *”मेरा मानना है कि AI शिक्षक का विकल्प नहीं, बल्कि शिक्षक के हाथ में एक शक्तिशाली साधन है। भविष्य का श्रेष्ठ शिक्षक वह होगा जो technology से प्रतिस्पर्धा नहीं करेगा, बल्कि technology का विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए विद्यार्थियों में वे मानवीय क्षमताएं विकसित करेगा जिन्हें कोई मशीन पूरी तरह प्रतिस्थापित नहीं कर सकती।”*
उन्होंने कहा कि आज हमें विद्यार्थियों में critical thinking, creativity, communication, collaboration और ethical reasoning विकसित करनी होगी। हमें उन्हें केवल सही उत्तर देने वाला नहीं, बल्कि सही प्रश्न पूछने वाला विद्यार्थी बनाना है।

शिक्षा के उद्देश्य पर उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी के पास बहुत अधिक ज्ञान है, लेकिन संवेदनशीलता नहीं है, बहुत बड़ी डिग्री है लेकिन ईमानदारी नहीं है, तो क्या हम उसे शिक्षित कह सकते हैं? शिक्षा की सफलता का अंतिम माप केवल examination result नहीं, बल्कि चरित्र, दृष्टिकोण और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास होना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा, *”शिक्षक वह व्यक्ति है जो वर्तमान में खड़ा होकर भविष्य का निर्माण करता है। शिक्षक केवल भविष्य के बारे में नहीं बताता – वह भविष्य को आकार देता है।”*
*इसी समारोह में निदेशक , उच्च शिक्षा प्रो एन के अग्रवाल को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए “गुरु शिक्षा रत्न सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया।* Educational Development Council ने उनके योगदान को सराहा और अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए शिक्षा विद् को सम्मानित किया गया ।

बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रो गिरीश कुमार चौधरी ने छात्रो के लिए उपयोगी पाठ्यक्रम चलाने की सलाह दी । उपयोगी कोर्स चलाया जाना चाहिए ।
कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए शिक्षाविद, प्रबुद्धजन और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
