बिहार–झारखंड के बीच सोन नदी जल बंटवारे पर ऐतिहासिक समझौता, वर्षों पुराना विवाद हुआ समाप्त
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पटना।
बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद का समाधान हो गया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, बिहार के उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह सचिव तथा दोनों राज्यों और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
25 साल पुराने जल विवाद का हुआ समाधान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बिहार और झारखंड के बीच करीब 25 वर्षों से लंबित सोन नदी जल विवाद का समाधान संवाद और सहकारी संघवाद की भावना से हुआ है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘टीम भारत’ के दृष्टिकोण और सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि समझौते से बिहार और झारखंड के बड़े ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा, साथ ही लोगों की पेयजल जरूरतों को भी पूरा करने में मदद मिलेगी।
बिहार के इन जिलों को मिलेगा लाभ
समझौते से बिहार के भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, गया और पटना सहित कई क्षेत्रों में सिंचाई एवं पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
वहीं झारखंड के पलामू, गढ़वा और अन्य क्षेत्रों को भी सिंचाई तथा पेयजल के लिए पानी उपलब्ध होगा।
इस वर्ष राज्यों के बीच चौथा बड़ा जल समझौता
अमित शाह ने बताया कि अंतर-राज्यीय परिषद के माध्यम से लंबे समय से लंबित अंतर-राज्यीय जल विवादों के समाधान की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। वर्ष 2026 में अब तक राज्यों के बीच चार महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं।
इससे पहले 7 जुलाई 2026 को नर्मदा जल विवाद से जुड़े राज्यों के बीच समझौता, 29 जून को राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना को लेकर समझौता तथा 16 जून को किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनी थी।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोन नदी जल बंटवारे के मुद्दे के समाधान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह समझौता दोनों राज्यों में सिंचाई, पेयजल और ग्रामीण विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्रोत: PIB Bihar
