🇮🇳 DRDO की बड़ी कामयाबी: स्वदेशी मिसाइल तकनीक में भारत ने रचा नया इतिहास
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SpaceOne News।RAM BALAK ROY
नई दिल्ली: भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। DRDO द्वारा विकसित UAV-Launched Precision Guided Missile (ULPGM-V3) के अंतिम विकास परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। यह अत्याधुनिक मिसाइल ड्रोन से लॉन्च की जा सकती है और हवा से जमीन (Air-to-Ground) तथा हवा से हवा (Air-to-Air) दोनों प्रकार के लक्ष्यों पर सटीक प्रहार करने में सक्षम है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह सफलता भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नई मजबूती प्रदान करेगी। ULPGM-V3 उन्नत सीकर तकनीक, मॉड्यूलर वारहेड और उच्च सटीकता वाली लक्ष्य भेदन क्षमता से लैस है। इसकी अनुमानित मारक क्षमता लगभग 10 किलोमीटर तक बताई जा रही है, जिससे भारतीय सशस्त्र बलों की ड्रोन आधारित युद्ध क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इस उपलब्धि को भारत की रक्षा तैयारियों और स्वदेशी सैन्य तकनीक के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने DRDO के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और पूरी टीम को इस सफलता के लिए बधाई दी।
गौरतलब है कि DRDO ने हाल के वर्षों में RudraM-II, TARA और हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक जैसे कई महत्वपूर्ण रक्षा परियोजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। इन उपलब्धियों से भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता लगातार मजबूत हो रही है और देश वैश्विक रक्षा तकनीक के क्षेत्र में अपनी पहचान और मजबूत कर रहा है।
रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि ULPGM-V3 की सफलता आधुनिक ड्रोन युद्ध और प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता के क्षेत्र में भारत को दुनिया के अग्रणी देशों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
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“स्वदेशी शक्ति, मजबूत भारत” 🇮🇳
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