भाजपा किसान मोर्चा बिहार की कमान अब रामसुमिरन सिंह के हाथ, बोले- ‘अन्नदाता के खेत से दिल्ली तक सीधी पहुंच बनाएंगे’
समस्तीपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष ने पदभार संभालते ही गिनाईं प्राथमिकताएं, कहा- MSP, फसल बीमा और सिंचाई पर मोर्चा करेगा फोकस
One News Network 🛜
Patna: समस्तीपुर की सियासत से निकले कद्दावर भाजपा नेता रामसुमिरन सिंह अब बिहार भाजपा किसान मोर्चा के नए प्रदेश अध्यक्ष हैं. बुधवार को पटना स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में उन्होंने वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पदभार ग्रहण किया. उनके नाम की आधिकारिक घोषणा के साथ ही समस्तीपुर से लेकर पटना तक पार्टी खेमे में उत्साह दिखा. समस्तीपुर जिला कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और मिठाई बांटकर जश्न मनाया.
संघ की शाखा से प्रदेश अध्यक्ष तक : 30 साल का सियासी सफर
रामसुमिरन सिंह की पहचान समस्तीपुर में एक जमीनी नेता की रही है. छात्र जीवन में RSS की शाखा से जुड़े सिंह ने बूथ कार्यकर्ता के रूप में भाजपा में कदम रखा. पंचायत स्तर पर संगठन खड़ा करने से लेकर समस्तीपुर के जिलाध्यक्ष तक का सफर उन्होंने अपने दम पर तय किया. जिलाध्यक्ष रहते हुए उन्होंने किसान आंदोलनों की अगुवाई की और ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक अन्नदाताओं की आवाज बुलंद की. खुद किसान परिवार से आने के कारण खेत-खलिहान की दिक्कतों को वे निजी अनुभव से समझते हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व ने उनकी संगठन क्षमता और किसानों के बीच सीधी पकड़ को देखते हुए ही यह जिम्मेदारी दी है.
पहला बयान: ‘योजनाएं कागज से निकलकर खेत तक जाएंगी’
पदभार संभालने के बाद रामसुमिरन सिंह ने कहा, “किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी वाली योजनाओं को हर खेत तक पहुंचाना मेरी पहली जवाबदेही है.” उन्होंने साफ किया कि किसान मोर्चा अब गांव-गांव जाकर कैंप लगाएगा. उनका फोकस चार बिंदुओं पर रहेगा: पहला, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त समय पर मिले. दूसरा, फसल बीमा योजना का क्लेम किसानों को बिना दौड़-भाग के मिले. तीसरा, हर खेत तक पानी यानी सिंचाई की स्थायी व्यवस्था. चौथा, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की पारदर्शी व्यवस्था. सिंह ने कहा, “मोर्चा अब अन्नदाता के खेत से दिल्ली तक सीधी पहुंच बनाएगा. किसान की समस्या सीधे सरकार तक जाएगी.
“समस्तीपुर में जश्न, पटना तक पहुंची गूंज
नियुक्ति की खबर फैलते ही समस्तीपुर के सांसद, सभी विधायक और जिला इकाई के पदाधिकारियों ने सिंह को बधाई दी. जिला भाजपा कार्यालय पर सुबह से कार्यकर्ताओं का जमावड़ा रहा. वरिष्ठ नेता राजीव कुमार ने कहा, “रामसुमिरन जी के आने से किसान मोर्चा को नई धार मिलेगी. वे धरातल के नेता हैं.” पटना में पदभार ग्रहण के दौरान प्रदेश महामंत्री और किसान मोर्चा के निवर्तमान पदाधिकारियों ने बुके देकर स्वागत किया.
बिहार में क्यों अहम है यह चेहरा?
बिहार की 76% से ज्यादा आबादी खेती पर निर्भर है. ऐसे में किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष सीधे तौर पर लाखों परिवारों से जुड़ता है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समस्तीपुर, दरभंगा, बेगूसराय बेल्ट में सिंह की पकड़ का फायदा पार्टी को आगामी चुनावों में मिल सकता है. उनकी छवि आंदोलनकारी नेता की रही है, जो सरकार और संगठन के बीच सेतु का काम कर सकते हैं.
आगे की राह : 100 दिन का एक्शन प्लान
सूत्रों के अनुसार, रामसुमिरन सिंह ने 100 दिन का एक्शन प्लान तैयार किया है. इसमें हर जिले में ‘किसान चौपाल’, प्रखंड स्तर पर ‘समस्या समाधान शिविर’ और मंडल स्तर तक मोर्चा का विस्तार शामिल है. उनका दावा है कि अगले तीन महीने में बिहार के हर पंचायत में किसान मोर्चा की इकाई सक्रिय होगी. पदभार ग्रहण के 24 घंटे के भीतर ही सिंह ने जिला अध्यक्षों से वर्चुअल बैठक कर फीडबैक लेना शुरू कर दिया है. अब देखना यह है कि संघ की शाखा से निकला यह जमीनी नेता किसान मोर्चा को कितनी तेजी से खेत-खलिहान तक ले जाता है.
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